माइग्रेन का परमानेंट इलाज: आधे सिर के दर्द से छुटकारा

माइग्रेन (Migraine) सिर्फ सिरदर्द नहीं है — यह एक न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी है जो ज़िंदगी की गुणवत्ता छीन लेती है। लेकिन ट्रिगर पहचानना, मैग्नीशियम (Magnesium) और विटामिन B2 सप्लीमेंट, अदरक-पुदीना काढ़ा, नियमित नींद का रूटीन, योग और तनाव प्रबंधन — इन उपायों को एक साथ अपनाने से माइग्रेन के दौरों की संख्या और तीव्रता दोनों में 50-70% तक कमी लाई जा सकती है — बिना दर्दनिवारक दवाओं पर पूरी तरह निर्भर हुए।

आधे सिर में धड़कता हुआ तेज़ दर्द, आँखों के आगे रोशनी चमकना, उल्टी का एहसास और तेज़ रोशनी-आवाज़ से तकलीफ — यह माइग्रेन (Migraine) का एक आम दौरा है। जो इससे गुज़रते हैं वे जानते हैं कि उस वक्त बस एक ही इच्छा होती है — अंधेरे कमरे में लेट जाना और दर्द के खत्म होने का इंतज़ार करना। कभी-कभी यह दर्द 4 घंटे रहता है, कभी-कभी 3 दिन।

भारत में लगभग 15 करोड़ लोग माइग्रेन से पीड़ित हैं — और इनमें से ज़्यादातर इसे “बस एक सिरदर्द” समझकर Paracetamol या Saridon खाते रहते हैं। यह गलत है। दर्दनिवारक दवाओं का ज़्यादा इस्तेमाल खुद एक और समस्या — “Medication Overuse Headache (MOH)” — पैदा करता है। इस लेख में हम माइग्रेन के असली कारण, घरेलू उपाय, जीवनशैली बदलाव और वे तरीके बताएंगे जो दौरों को जड़ से कम कर सकते हैं।

माइग्रेन क्या है? साधारण सिरदर्द से कैसे अलग?

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी है — यानी यह दिमाग की नसों और रसायनों से जुड़ी है। यह सिर्फ “ज़्यादा तनाव का सिरदर्द” नहीं है। माइग्रेन के दौरान दिमाग में सेरोटोनिन (Serotonin) का स्तर अचानक बदलता है, रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) फैलती-सिकुड़ती हैं और नसों में सूजन आती है — यही धड़कता हुआ दर्द पैदा करता है।

पहलूसाधारण सिरदर्दमाइग्रेन
दर्द का स्वभावदबाव जैसा, दोनों तरफधड़कता हुआ, आमतौर पर एक तरफ
दर्द की तीव्रताहल्का से मध्यममध्यम से बहुत तेज़
साथ के लक्षणआमतौर पर कोई नहींउल्टी, रोशनी-आवाज़ से तकलीफ
समय30 मिनट से कुछ घंटे4 घंटे से 72 घंटे तक
चलने-फिरने परदर्द में बदलाव नहींहिलने-डुलने से दर्द बढ़ता है
Paracetamol सेआमतौर पर ठीक हो जाता हैअक्सर बेअसर रहता है

माइग्रेन के प्रकार

माइग्रेन के कई प्रकार होते हैं — इन्हें पहचानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हर प्रकार का इलाज थोड़ा अलग होता है:

  • Migraine Without Aura (सामान्य माइग्रेन): सबसे आम प्रकार। सीधे तेज़ दर्द शुरू होता है — बिना किसी चेतावनी के।
  • Migraine With Aura (क्लासिक माइग्रेन): दर्द से पहले आँखों के आगे रोशनी चमकना, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिखना, हाथ-पाँव में सुन्नपन या बोलने में तकलीफ — इसे “Aura” कहते हैं।
  • Chronic Migraine (दीर्घकालिक माइग्रेन): महीने में 15 या उससे ज़्यादा दिन सिरदर्द, जिनमें से 8 दिन माइग्रेन जैसे हों।
  • Vestibular Migraine (वेस्टिबुलर माइग्रेन): सिरदर्द के साथ चक्कर आना (Vertigo) और संतुलन बिगड़ना।
  • Menstrual Migraine (मासिक धर्म माइग्रेन): महिलाओं में मासिक धर्म (Periods) से 2 दिन पहले या पहले 3 दिनों में आने वाले दौरे।

माइग्रेन के लक्षण — चार चरण

माइग्रेन का दौरा एक साथ नहीं आता — यह चार चरणों में होता है। इन्हें समझने से दौरे को पहले ही पकड़ा जा सकता है:

चरण 1: प्रोड्रोम (Prodrome) — 1-2 दिन पहले

दर्द से 1-2 दिन पहले शरीर संकेत देता है — जम्हाई ज़्यादा आना, मूड बदलना, खाने की तीव्र इच्छा (Food Cravings), गर्दन में अकड़न और बार-बार पेशाब आना। इन संकेतों को पहचानना सीखें — इसी वक्त उपाय करने पर दौरा कम तीव्र होता है।

चरण 2: ऑरा (Aura) — 20-60 मिनट पहले (सिर्फ कुछ लोगों में)

आँखों के आगे टिमटिमाती रोशनी या काले धब्बे, एक तरफ शरीर में सुन्नपन या झनझनाहट, बोलने में दिक्कत और कभी-कभी एक तरफ कमज़ोरी। यह 20-60 मिनट रहता है।

चरण 3: सिरदर्द (Headache Phase) — 4 से 72 घंटे

आमतौर पर एक तरफ — लेकिन कभी-कभी दोनों तरफ — तेज़ धड़कता हुआ दर्द। उल्टी और जी मचलाना, रोशनी (Photophobia) और आवाज़ (Phonophobia) से तकलीफ, और कभी-कभी गंध से भी परेशानी।

चरण 4: पोस्ट्ड्रोम (Postdrome) — दर्द के बाद 1-2 दिन

दर्द जाने के बाद भी थकान, सिर में भारीपन, चिड़चिड़ापन और कमज़ोरी रहती है। इसे “Migraine Hangover” कहते हैं।

माइग्रेन के ट्रिगर (Triggers) — जो दौरा शुरू करते हैं

माइग्रेन का परमानेंट इलाज शुरू होता है — अपने ट्रिगर पहचानने से। हर व्यक्ति के ट्रिगर अलग होते हैं। इन्हें एक “Headache Diary” में नोट करें:

ट्रिगर की श्रेणीआम ट्रिगर
खाना-पीनापुरानी चीज़ (Aged Cheese), रेड वाइन, चॉकलेट, MSG, प्रोसेस्ड मीट, खाना न खाना (Skipping Meals)
नींदनींद कम या ज़्यादा दोनों, नींद का समय बदलना, देर से सोना
तनावतनाव के दौरान और तनाव खत्म होने के बाद दोनों (“Let-Down Migraine”)
हार्मोनमासिक धर्म से पहले एस्ट्रोजन (Estrogen) गिरना, गर्भनिरोधक गोलियाँ
पर्यावरणतेज़ रोशनी, तेज़ आवाज़, तेज़ गंध, मौसम बदलना, AC/हीटर
शारीरिकपानी कम पीना (Dehydration), लंबे समय तक स्क्रीन देखना, गर्दन की अकड़न
कैफीन (Caffeine)अचानक चाय-कॉफी बंद करना (Caffeine Withdrawal) या बहुत ज़्यादा लेना

💡 Headache Diary कैसे रखें: हर दौरे में नोट करें — दर्द कब शुरू हुआ, क्या खाया था, कितनी नींद हुई, मौसम कैसा था, क्या तनाव था। 2-3 महीने में आप अपने ट्रिगर खुद पहचान लेंगे।

माइग्रेन के घरेलू उपाय

माइग्रेन के घरेलू उपाय

ये उपाय दो तरह से काम करते हैं — दौरे के दौरान तुरंत राहत देने के लिए और नियमित रूप से अपनाने पर दौरों की संख्या कम करने के लिए:

1. 🧊 ठंडी और गर्म सिकाई — दौरे के दौरान तुरंत राहत

दर्द शुरू होते ही माथे और कनपटी (Temple) पर ठंडी पट्टी (Ice Pack) रखें — यह सूजी हुई रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और दर्द कम करता है। साथ में गर्दन के पीछे गर्म सिकाई — इससे गर्दन की माँसपेशियों का तनाव कम होता है जो अक्सर माइग्रेन को बढ़ाता है।

📋 सही तरीका:

  1. बर्फ को कपड़े में लपेटकर माथे और कनपटी पर 15-20 मिनट रखें।
  2. साथ में गर्दन के पीछे गर्म पानी की बोतल रखें।
  3. दोनों को एक साथ 15-20 मिनट लगाएं।
  4. अंधेरे, शांत कमरे में लेटें — रोशनी और आवाज़ बंद करें।

2. 🫚 अदरक का काढ़ा — माइग्रेन का प्राकृतिक दुश्मन

अदरक में जिंजरॉल (Gingerol) और शोगाओल (Shogaol) होते हैं जो Prostaglandins — दर्द पैदा करने वाले रसायन — को रोकते हैं। एक शोध में पाया गया कि अदरक का पाउडर माइग्रेन के दर्द को Sumatriptan (एक माइग्रेन की दवा) जितना कम कर सकता है। साथ ही अदरक उल्टी भी रोकता है जो माइग्रेन का सबसे तकलीफदेह लक्षण है।

📋 कैसे बनाएं:

  1. 1 इंच ताज़ा अदरक कूटकर 2 कप पानी में 10 मिनट उबालें।
  2. छानकर शहद और नींबू मिलाएं।
  3. दौरे के शुरुआत में पिएं — जितना जल्दी पिएं उतना बेहतर।
  4. नियमित रूप से (रोज़ सुबह) पीने से दौरों की संख्या कम होती है।

3. 🌿 पुदीना का तेल (Peppermint Oil) — माथे पर लगाएं

पुदीना तेल (Peppermint Oil) में मेंथॉल (Menthol) होता है जो त्वचा पर लगाने पर ठंडक का एहसास देता है और दर्द की अनुभूति कम करता है। माथे और कनपटी पर पुदीना तेल लगाना Paracetamol जितना असरदार पाया गया — एक शोध में। यह दर्द को 15-30 मिनट में कम करना शुरू कर देता है।

📋 सही तरीका:

  1. 2-3 बूंद पुदीना तेल (Peppermint Essential Oil) को 1 चम्मच नारियल तेल में मिलाएं।
  2. माथे, कनपटी और गर्दन के पीछे हल्के हाथों से लगाएं।
  3. सीधे चेहरे पर या आँखों के पास न लगाएं।
  4. दौरे की शुरुआत में लगाएं — जितना जल्दी उतना बेहतर।

4. ☕ कैफीन (Caffeine) — सही मात्रा में एक हथियार

यह सुनकर अजीब लग सकता है — लेकिन माइग्रेन के दौरे की शुरुआत में एक छोटा कप ब्लैक कॉफी या चाय दर्द को कम करने में मदद कर सकती है। कैफीन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और दर्दनिवारक दवाओं का असर बढ़ाता है। इसीलिए Excedrin जैसी माइग्रेन दवाओं में कैफीन होता है। लेकिन यह दोधारी तलवार है — ज़्यादा कैफीन और अचानक बंद करना — दोनों माइग्रेन ट्रिगर हैं।

⚠️ सावधानी: रोज़ 1 से ज़्यादा कप कैफीन न लें। और इसे अचानक बंद न करें — धीरे-धीरे कम करें। Caffeine Withdrawal खुद एक बड़ा माइग्रेन ट्रिगर है।

5. 💊 मैग्नीशियम (Magnesium) — माइग्रेन का सबसे बड़ा घरेलू सप्लीमेंट

शोध बताते हैं कि माइग्रेन के 50% मरीज़ों में मैग्नीशियम (Magnesium) की कमी होती है। मैग्नीशियम दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) को संतुलित करता है, रक्त वाहिकाओं की ऐंठन रोकता है और “Cortical Spreading Depression” — जो Aura का कारण है — को रोकता है। अमेरिकन हेडेक सोसायटी (American Headache Society) ने माइग्रेन की रोकथाम के लिए मैग्नीशियम सप्लीमेंट को “Probably Effective” श्रेणी में रखा है।

📋 कैसे लें:

  1. खाने से मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत — कद्दू के बीज, बादाम, पालक, काजू, काली फलियाँ।
  2. Magnesium Glycinate या Magnesium Oxide सप्लीमेंट — 400-500 mg रोज़ (डॉक्टर की सलाह से)।
  3. कम से कम 3 महीने तक नियमित लें — असर धीरे-धीरे आता है।
  4. एप्सम सॉल्ट (Epsom Salt) बाथ भी मैग्नीशियम का एक अच्छा बाहरी स्रोत है।

6. 🌼 बटरबर और फीवरफ्यू (Butterbur & Feverfew) — आयुर्वेदिक और यूरोपीय दोनों मान्य

फीवरफ्यू (Feverfew / Tanacetum parthenium) एक यूरोपीय जड़ी-बूटी है जो भारत में भी मिलती है। इसमें पार्थेनोलाइड (Parthenolide) होता है जो Prostaglandins और Serotonin को नियंत्रित करता है — दोनों माइग्रेन के मुख्य कारण हैं। कई नैदानिक अध्ययनों (Clinical Trials) में फीवरफ्यू लेने वाले मरीज़ों में माइग्रेन के दौरे 24% तक कम हुए।

📋 कैसे लें:

  1. फीवरफ्यू की 2-3 ताज़ी पत्तियाँ रोज़ खाएं — सैंडविच में रखकर या चाय बनाकर।
  2. कैप्सूल रूप में 50-100 mg रोज़ — किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर या ऑनलाइन मिलता है।
  3. कम से कम 3 महीने नियमित लें।
  4. सावधानी — गर्भवती महिलाएं न लें।

7. 💧 पानी पीना — सबसे सस्ता और सबसे ज़रूरी उपाय

Dehydration (पानी की कमी) माइग्रेन का एक बड़ा ट्रिगर है। जब शरीर में पानी कम होता है तो दिमाग थोड़ा सिकुड़ता है — जिससे खोपड़ी (Skull) की हड्डी पर दबाव पड़ता है और दर्द होता है। माइग्रेन के दौरे की शुरुआत में तुरंत 2-3 गिलास पानी पीना कभी-कभी दर्द को आधे में रोक देता है। रोज़ाना 3-4 लीटर पानी पीना माइग्रेन की रोकथाम में मदद करता है।

परमानेंट राहत के लिए जीवनशैली बदलाव

माइग्रेन का परमानेंट इलाज सिर्फ दौरे के वक्त दवा लेने से नहीं होगा — इसके लिए जीवनशैली बदलनी होगी। ये बदलाव दौरों की संख्या 50-70% तक कम कर सकते हैं:

नींद का नियमित रूटीन — सबसे ज़रूरी

माइग्रेन और नींद का गहरा संबंध है। कम नींद और ज़्यादा नींद — दोनों दौरा शुरू कर सकते हैं। रोज़ एक ही समय पर सोएं और जागें — हफ्ते के अंत में भी। सोने-जागने का समय 30 मिनट से ज़्यादा न बदलें। 7-8 घंटे की नींद — न कम, न ज़्यादा। और सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल स्क्रीन बंद करें — नीली रोशनी (Blue Light) माइग्रेन का ट्रिगर है।

तनाव प्रबंधन (Stress Management)

तनाव माइग्रेन का नंबर 1 ट्रिगर है। लेकिन एक दिलचस्प बात है — “Let-Down Migraine” — जब तनाव खत्म होता है तभी दौरा आता है। इसलिए वीकेंड पर और छुट्टियों में माइग्रेन होना आम है। रोज़ 15-20 मिनट ध्यान (Meditation), Deep Breathing या Progressive Muscle Relaxation करें।

खाने का नियमित समय

खाना न खाना (Skipping Meals) या बहुत देर से खाना — ये माइग्रेन के बड़े ट्रिगर हैं। ब्लड शुगर (Blood Sugar) गिरने पर दिमाग को तनाव होता है और दौरा शुरू हो सकता है। हर 4-5 घंटे में कुछ न कुछ खाएं — और नाश्ता कभी न छोड़ें।

माइग्रेन में क्या खाएं और क्या न खाएं

खाद्य पदार्थमाइग्रेन में?कारण
हरी पत्तेदार सब्जियाँ✅ खाएंमैग्नीशियम और B2 का अच्छा स्रोत
अदरक, हल्दी, दालचीनी✅ खाएंसूजन-रोधी — दर्द कम करें
कद्दू के बीज, बादाम✅ खाएंमैग्नीशियम — माइग्रेन रोके
ओमेगा-3 — अलसी, अखरोट✅ खाएंदिमाग की सूजन कम करे
पुरानी चीज़, रेड वाइन❌ ट्रिगरTyramine — Serotonin बदलाव
प्रोसेस्ड मीट, अचार❌ ट्रिगरNitrates — रक्त वाहिका फैलाएं
चॉकलेट⚠️ कुछ लोगों में ट्रिगरPhenylethylamine — टेस्ट करके देखें
MSG (अजीनोमोटो)❌ ट्रिगरनसों को उत्तेजित करे
ज़्यादा नमकीन/पैकेज्ड खाना❌ कम करेंBP बढ़ाए, Dehydration

माइग्रेन के लिए योग और एक्सरसाइज़

नियमित व्यायाम माइग्रेन की रोकथाम में बहुत असरदार है — लेकिन दौरे के दौरान भारी कसरत न करें, इससे दर्द बढ़ सकता है। ये आसन और व्यायाम माइग्रेन कम करने में मदद करते हैं:

करने वाले आसन:

  • बालासन (Child’s Pose): तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत करता है। सिरदर्द शुरू होते ही 5 मिनट करें।
  • शवासन (Shavasana): दौरे के दौरान पूरे शरीर को ढीला छोड़ें — 20-30 मिनट। यह सबसे असरदार तत्काल उपाय है।
  • सेतुबंधासन (Bridge Pose): गर्दन और कंधों की अकड़न कम करता है — दौरों की रोकथाम में मदद।
  • अनुलोम-विलोम प्राणायाम: रोज़ 10-15 मिनट — दिमाग में ऑक्सीजन का बहाव बढ़ाता है और तनाव कम करता है।
  • भ्रामरी प्राणायाम (Humming Bee Breath): कानों में गुनगुनाने की आवाज़ से तंत्रिका तंत्र शांत होता है — माइग्रेन में बहुत फायदेमंद।

एरोबिक व्यायाम:

हफ्ते में 3-5 बार 30-45 मिनट की तेज़ वॉक, साइकिलिंग या तैराकी माइग्रेन की रोकथाम में उतनी ही असरदार है जितनी कुछ दवाएं। इससे Endorphins — प्राकृतिक दर्दनिवारक — निकलते हैं और तनाव कम होता है।

⚠️ दौरे के दौरान: भारी कसरत बिल्कुल न करें — इससे दर्द बहुत बढ़ सकता है। सिर्फ शवासन और हल्का प्राणायाम करें।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

माइग्रेन का घरेलू उपाय और जीवनशैली बदलाव बहुत असरदार हैं — लेकिन कुछ स्थितियों में Neurologist से मिलना ज़रूरी है:

🚨 इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  • “Thunderclap Headache” — अचानक जीवन का सबसे तेज़ दर्द जो कुछ सेकंड में आ जाए (Brain Aneurysm का संकेत हो सकता है)
  • बुखार के साथ सिरदर्द और गर्दन की अकड़न (Meningitis का संकेत)
  • 50 साल की उम्र के बाद पहली बार माइग्रेन जैसा दर्द
  • दौरे के साथ एक तरफ कमज़ोरी, बोलने में दिक्कत या दृष्टि का पूरी तरह जाना (Stroke का संकेत)
  • महीने में 4 या उससे ज़्यादा दौरे पड़ रहे हों
  • दर्दनिवारक दवाएं हफ्ते में 3 दिन से ज़्यादा लेनी पड़ रही हों
  • दर्द हर बार पहले से ज़्यादा तेज़ होता जा रहा हो

डॉक्टर ज़रूरत के हिसाब से Triptans (जैसे Sumatriptan), CGRP Antagonists, Beta Blockers, Topiramate या Amitriptyline जैसी दवाएं दे सकते हैं। Botox इंजेक्शन और Acupuncture भी Chronic Migraine में FDA-Approved treatments हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या माइग्रेन पूरी तरह ठीक हो सकता है?

माइग्रेन एक जेनेटिक (Genetic) प्रवृत्ति है — इसे “ठीक” नहीं किया जा सकता, लेकिन दौरों को बहुत कम किया जा सकता है। सही ट्रिगर पहचानना, जीवनशैली बदलाव और ज़रूरत पड़ने पर दवाएं — इन सबसे 70-80% मरीज़ अपने माइग्रेन को बहुत अच्छी तरह नियंत्रित कर पाते हैं। कुछ लोगों को 40-50 की उम्र के बाद दौरे कम होने लगते हैं।

महिलाओं में माइग्रेन ज़्यादा क्यों होता है?

महिलाओं में माइग्रेन पुरुषों से 3 गुना ज़्यादा होता है। मुख्य कारण है एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन — यह Serotonin के स्तर को प्रभावित करता है। मासिक धर्म से पहले, गर्भावस्था के दौरान और रजोनिवृत्ति (Menopause) के समय एस्ट्रोजन में उतार-चढ़ाव माइग्रेन को ट्रिगर करता है।

स्क्रीन टाइम कम करने से माइग्रेन कम होगा?

हाँ — लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और TV देखना माइग्रेन का एक बड़ा ट्रिगर है। नीली रोशनी (Blue Light) और आँखों पर पड़ने वाला तनाव दोनों दौरा शुरू कर सकते हैं। Blue Light Blocking Glasses, हर 20 मिनट में 20 सेकंड दूर देखना (20-20-20 Rule) और रात को Dark Mode — ये सब मदद करते हैं।

क्या एक्यूप्रेशर (Acupressure) माइग्रेन में काम करता है?

हाँ — “LI4” प्रेशर पॉइंट (अँगूठे और तर्जनी उँगली के बीच का हिस्सा) पर 2-3 मिनट दबाने से माइग्रेन के दर्द में राहत मिल सकती है। यह एक पुराना और वैज्ञानिक रूप से समर्थित उपाय है।

माइग्रेन में क्या Paracetamol और Ibuprofen काम करते हैं?

हल्के माइग्रेन में कभी-कभी काम करते हैं — लेकिन गंभीर माइग्रेन में आमतौर पर नहीं। और सबसे ज़रूरी बात — इन्हें हफ्ते में 3 दिन से ज़्यादा न लें। ज़्यादा इस्तेमाल से “Medication Overuse Headache (MOH)” होता है जो माइग्रेन को और बढ़ा देता है।

निष्कर्ष: माइग्रेन को हराना मुमकिन है — एक कदम एक बार

माइग्रेन एक जंग है जो हर दिन लड़नी पड़ती है — लेकिन इसे जीता जा सकता है। अपने ट्रिगर पहचानें, Headache Diary रखें, नींद और खाने का समय तय करें, रोज़ मैग्नीशियम से भरपूर खाना खाएं, अदरक का काढ़ा और पुदीने का तेल हमेशा पास रखें और हफ्ते में 4-5 बार व्यायाम करें।

3 महीने यह सब नियमित रूप से करें — आप पाएंगे कि दौरे कम हो गए, तीव्रता घटी और ज़िंदगी वापस पटरी पर आ रही है। और अगर दौरे फिर भी बहुत ज़्यादा हों तो Neurologist से मिलें — माइग्रेन के इलाज में आज बहुत अच्छी दवाएं उपलब्ध हैं।

⚠️ अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है — किसी भी नए उपाय या सप्लीमेंट से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें। अचानक बहुत तेज़ सिरदर्द हो तो तुरंत आपातकालीन सेवा लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here